राष्ट्रीय और प्रांतीय का संवैधानिक (Constitutional ) / वैधानिक (statuary Bodies) आयोग :
भारत में संस्थाओं को मुख्यतः तीन भागों में बांटा गया है
1. संवैधानिक निकाय
2. सांविधिक निकाय
3. कार्यकारी निकाय
तो सबसे पहले समझते है की ये निकाय क्या होते है और इनका गठन किस प्रकार होता है
1. संवैधानिक निकाय : ऐसे निकाय जिनका गठन स्वयं संविधान द्वारा या जिनके गठन के लिए राष्ट्रपति को सक्षम बनाया जाता है, संवैधानिक संस्था कहा जाता है। इन निकायों के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इन्हें पर्याप्त पद सुरक्षा प्रदान की गई है, और इन्हें संविधान में निर्दिष्ट विधियों के अतिरिक्त किसी अन्य तरीके से अपने पद से नहीं हटाया जा सकता है। इनकी रिपोर्टों को संसद के दोनों सदनों में रखा जाता है।
प्रमुख संवैधानिक निकाय इस प्रकार हैं-
1. भारतीय निर्वाचन आयोग
2. राज्य निर्वाचन आयोग
3. संघ लोक सेवा आयोग
4. राज्य लोक सेवा आयोग
5. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
6. अनुसूचित जाति आयोग
7. अनुसूचित जनजाति आयोग
8. पिछड़ा वर्ग आयोग
2. सांविधिक निकाय : संविधिक निकाय वह है जिसे संसद के अधिनियम या राज्य विधान द्वारा गठित किया जाता है। इसकी स्थापना प्रायः विशेष कार्यों को करने के लिए की जाती है जिनमें सरकार का मानना है कि परम्परागत विभागीय संरचना से बाहर अत्यधिक प्रभावपूर्ण तरीके से निष्पादन हो सके।
प्रमुख सांविधिक निकाय इस प्रकार हैं-
1. महिला आयोग
2. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
3. बाल संरक्षण आयोग
4. सूचना आयोग
5. सतर्कता आयोग
6. राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण
7. खाद्य संरक्षण आयोग
2. कार्यकारी निकाय : सरकारी आदेश के द्वारा निर्मित संस्थाओं को कार्यकारी निकाय कहा जाता है
मध्य प्रसेश लोक सेवा आयोग के लिए हम केवल एक कार्यकारी निकाय के पढेंगे
1. नीति आयोग
कुल मिलाकर हमें ये 16 आयोग पढने है
ये तो थी पूरी लिस्ट अब हम अगले टॉपिक में एक-एक करके समझते है विस्तृत रूप में,
आशा करती हु की आपको ये पोस्ट अच्छी लगी होगी अगली पोस्ट में फिर से |
मिलते है एक नयी पोस्ट के साथ, तब तक के लिए नमस्कार
जय हिन्द...
नीलम


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